डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज"

यकीं मुझको है तुम आओगे इक दिन

header photo

Blog posts : "क्षयरोग तपेदिक इसके नाम"

विश्व क्षय रोग दिवस पर विशेष टीबी गीत

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम।

फैलाता जीवाणु इसे माइक्रोबैक्टेरियम जिसका नाम ॥

यह बीमारी मुख्य रूप से फेफड़ों को खा जाती है।

हड्डी, चमड़ी, जोड़ों आंतों को भी ग्रास बनाती है॥

खाँसी छींक से थूक की बूंदे जो रोगी से आती हैं।

अच्छे भले इंसां को भी टीबी का रोग दिलाती हैं॥

भीड़ भाड़, गंदगी, गरीबी और कुपोषण जहां रहेगा।

वहीं पे टीबी ज़्यादा होगी घुट घुट के इंसान मरेगा॥  

चलो बचाएं सबको इससे कर दें इसका कत्ले आम।

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥1॥

भारत जैसे देशों की टीबी विकराल समस्या है।

इससे बचना और बचाना अब तो एक तपस्या है॥

एड्स के आ जाने से टीबी की औक़ात बढ़ी है।

साथ है चोली दामन का दोनों में खूब छनी है॥

चार व्यक्ति भारत मे प्रति मिनट संक्रमित होते है।

रुग्णावस्था में जा करके अपना जीवन खोते हैं॥

एक मिनट में एक व्यक्ति का कर देती है काम तमाम।

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥12॥

लाइलाज़ ये रोग नहीं इससे बिलकुल न घबराएँ।

लक्षण इसके दिखते ही फ़ौरन डाक्टर को दिखलाएँ॥

तीन हफ़्ते से ज़्यादा यदि रोगी को खाँसी आती है।

लगातार हल्का बुख़ार हो और भूंख मर जाती है॥

बलगम में जब दिखे खून और सीने में दर्द सताए॥

वज़न घटे  जब लगातार टीबी  के लक्षण बतलाए।

जांच करा लें  बलगम की वरना बुरा होगा अंजाम ।

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥3॥

राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम को सफल बनाएँ।

स्वास्थ्य केंद्र पे जा करके टीबी का उपचार कराएँ॥

इन केन्द्रों पे क्षय रोगी की मुफ्त जांच की जाती है।

रोग अगर होता है तो टीबी की दवा दी जाती है॥

लगातार जब पूर्ण अवधि तक ए.टी.टी. को खाएँगे।

                            टीबी से मुक्ति पा करके जीवन स्वस्थ बनायेंगे॥

मुक्ति मिलेगी टीबी से तो तन मन को होगा आराम ॥

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥

इधर उधर न थूंके केवल थूकदान प्रयोग मे लाएँ।

ध्यान रहे की थूकदान में ब्लीचिंग पाउडर अवश्य मिलाएँ॥

अगर छींक खाँसी आए तो मुंह पर इक रूमाल लगाएँ।

टीबी का उपचार कराके स्वयं  बचें औरों को बचाएँ।

सही समय पे अगर आप उपचार नहीं करवायेंगे।

पक्का है क्षय रोग के द्वारा इक दिन मारे जाएंगे॥

टीबी है घातक बीमारी बचना इससे सुबहो-शाम।

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥4॥

बीसीजी का एक टीका क्षय रोग से बहुत बचाता है।

तुरंत जन्म के बाद या 6 हफ़्ते में लगाया जाता है॥

स्वास्थ्य केंद्रों पे जाकर के मुफ्त में ये टीका लगवाएँ।

क्षय रोग से भारत की भावी पीढ़ी को आप बचाएं॥

मिलजुल के 24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस मनाएँ।

टीबी के नियंत्रण में भारत सरकार का हाथ बटाएँ॥

जनहित, देश-समाज के हित में मिलकर आओ करें ये काम।

रोग है टीबी संक्रामक, क्षयरोग तपेदिक इसके नाम॥5॥

                                                  डॉ. सूर्या बाली “सूरज”

Go Back

1 blog post