डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज"

यकीं मुझको है तुम आओगे इक दिन

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एड्स कुंडलियाँ

(1)

दवा न कोई बन सकी न कोई वैक्सीन।

एड्स से बचने के लिए सदा रहो तल्लीन।

सदा रहो तल्लीन और कंडोम लगाओ।

जब भी अंजाने के संग संबंध बनाओ।

अगर हो गया एड्स मरोगे तिल तिल करके।

आओ करें बचाव सभी ही मिल जुल करके।

(2)

एचआईवी विषाणु ने मचा दिया भूचाल।

रोक सके इसको, कही कोई है माई का लाल।

है माई का लाल कोई तो आगे आए।

कैसे रोके एड्स कोई तो दवा बताए।

कहे सूरज सब लोग रहो सावधान एड्स से।

वरना हो जाओगे सब परेशान एड्स से।

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