डॉ॰ सूर्या बाली "सूरज"

यकीं मुझको है तुम आओगे इक दिन

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Blog posts : "मेडिकल रचनाएँ "

ये ज़मीं ये आसमां, कल रहे या न रहे।

ये ज़मीं ये आसमां, कल रहे या न रहे।

ये हसीं महफिल जवां, कल रहे या न रहे।।

            इस जहाँ मे बाँट दे, जो कुछ भी तेरे पास है,

            ये हुनर तेरी अमानत कल रहे या न रहे।।

छोड़ा ना दामन मैं ग़म का, क्यूंकि मुझको था यकीं,

ये ख़ुशी कुछ पल की है, कल रहे या न रहे।।

            माटी के पुतले पे इतना क्यूँ भरोसेमंद हो,

            दिल मे जो आए वो कर लो, कल रहे या न रहे।।

सब तो मतलब के हैं रिश्ते, कौन किसका है यहाँ,

आज रिश्ता ख़ास है जो, कल रहे या न रहे।।

            खोलकर दिल बात कर लो, न रहे शिकवे गिले,

           साथ “सूरज” का औ तेरा, कल रहे या न रहे।

                                            डॉ॰ सूर्या बाली, “सूरज”

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परिवार नियोजन

निकल आया है क्षितिज पे सूर्य, लिए मानवता का संदेश।

जागो नर - नारी भारत के, बचा लो अपना सुंदर देश।।

                 समस्याएँ जन्मी बहु भांति, बढ़ी जनसंख्या अपरंपार।

                लगे घटने सब संसाधन, मगर बढ़ती ही गयी कतार ॥

चला दो ऐसा इक अभियान, मिले सबको,सबके अधिकार।

चाहते यदि रहना खुशहाल, करो छोटा अपना परिवार॥

               करो बस पैदा दो संतान, तीसरे की न करना भूल।

               चाहे लड़का हो या लड़की, खुशी से करना उसे क़बूल॥

सुरक्षित रखो बच्चों का स्वाथ्य, न पड़ने दो उनको बीमार।

बीसीजी, डीपीटी, पोलियो, खसरे का टीका दो  क्रमवार॥

               उचित शिक्षा का करो प्रबंध, उचित भोजन दो, उच्च विचार।

               करो लड़के- लड़की मे न भेद, दोनों को दो समान अधिकार॥

सोचना तब दूजे की बात, पहला जब जाने लगे स्कूल।

कम से कम तीन साल अंतराल, इससे पहले न करना भूल॥

              रुकेगा तन और मन का विकास, अगर लंबा होगा परिवार।

              लगाओ कापर- टी और लूप, बढ़ाओ धरती पे न भार॥

प्रयोग निरोध का करके तुम, रख सकोगे सीमित परिवार !

अपने सपनों की खुशियों को, कर सकोगे तब तुम साकार॥

                                                               डॉ॰ सूर्या बाली “सूरज”

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पोलियो

सफल बनाओ सब मिल करके, पल्स पोलियो का अभियान।

पूर्ण करो इस महा यज्ञ को, दे करके योगदान महान।

            पोलियो का उन्मूलन करना, अब कर्तव्य हमारा है,

            अब हम सबने मिलकर के, इस पोलियो को ललकारा है।

देकर के वैकसीन बच्चों को, ये अभिशाप मिटाना है,

पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान को सफल बनाना है।

            पोलियो विषाणु जनित रोग, पैरों की शक्ति घटा देता है।

            बचपन मे यदि हो जाये, जीवन भर पंगु बना देता है।

दूषित भोजन पानी के जरिये मानव तक आता है,

घुसता है आहरनाल से , तंत्रिका तंत्र को खाता है।

            चढ़ता है बुखार तेज़ और अंग शिथिल पड़ जाते हैं,

            पक्षाघात हो जाता है, बच्चे लंगड़े हो जाते हैं।

कोई विशेष इलाज़ नहीं,बस मात्र बचाव तरीका है,

पूर्ण सुरक्षा के लिए केवल पोलियो का टीका है।

            पोलियो टीकाकरण को ख़ुद समझें औरों को बताएं,

            पाँच साल तक के बच्चो को पोलियो ड्राप पिलाएँ।

इस टीके से बच्चों को कोई हानि नहीं होती है,

जो माँ ड्रॉप नहीं पिलवाती वो जीवन भर रोती हैं।

            “सूरज” पूरे जनमानस को, ये संदेश सुनाना है,

            अपने प्यारे भारत को, पोलियो से मुक्त कराना है।।

                              डॉ॰ सूर्या बाली “सूरज”

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